लखनऊ, यूरीड मीडिया– उत्तर प्रदेश पुलिस ने वैश्विक फैशन ब्रांड FashionTV के नाम पर चल रहे बहुकरोड़ी फ्रैंचाइजी धोखाधड़ी सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने 1 अप्रैल 2026 को मुंबई से गिरोह के तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें वह शख्स भी शामिल है जो खुद को FashionTV India का ‘प्रबंध निदेशक’ बताता था, लेकिन कंपनी के रिकॉर्ड में उसका नाम तक निदेशक के रूप में दर्ज नहीं है।
पुलिस स्टेशन रामगढ़ताल, गोरखपुर में दर्ज FIR नंबर 0842/2025 के आधार पर निरीक्षक आशुतोष राय की टीम ने त्वरित अंतर-राज्यीय अभियान चलाया। गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:
कशीफ खान (उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक) – फर्जी ‘प्रबंध निदेशक’
कृष्णा – ‘ऑपरेशंस हेड’
नवीन अहूजा (नवीन सर अहूजा) – वित्त नियंत्रक
गिरोह की एक महिला सदस्य फरार होने में सफल रही। पहले ही गिरफ्तार वैभव मणि त्रिपाठी भी इस मामले में न्यायिक हिरासत में है।
फर्जी ‘एमडी’ की पूरी कहानी
जांच में मंत्रालय कॉर्पोरेट मामलों (MCA) के रिकॉर्ड से साफ हुआ कि कशीफ खान को Fashion TV India Private Limited में कभी निदेशक नियुक्त ही नहीं किया गया। उसके नाम पर कोई DIR-12 फाइलिंग तक नहीं है। इसके बावजूद वह FashionTV India Pvt Ltd और FashionTV Ltd BVI का ‘प्रबंध निदेशक’ बनकर पूरे भारत में सैकड़ों-हजारों फ्रैंचाइजी समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा था। पीड़ितों ने लाखों-करोड़ों रुपये उसे सौंपे, सोचते हुए कि वे असली कंपनी के एमडी से डील कर रहे हैं।
धोखाधड़ी का तरीका
गिरोह ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के महत्वाकांक्षी उद्यमियों को निशाना बनाया। उन्हें FashionTV के ब्रीडेड बार, लाउंज, कैफे या सैलून फ्रैंचाइजी का लुभावना ऑफर दिया जाता था। मुंबई के सांताक्रूज स्थित ऑफिस में चमकदार प्रेजेंटेशन दिखाए जाते, 12.50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की फ्रैंचाइजी फीस वसूली जाती। सबसे बड़ा सबूत स्टाम्प पेपर का है। समझौता ‘Fashion TV India Private Limited’ और पीड़ित की फर्म के बीच बताया जाता था, लेकिन स्टाम्प पेपर ‘fashiontv India’ नाम की अलग साझेदारी फर्म का था। कंपनी की तरफ का पूरा हस्ताक्षर पृष्ठ खाली था। कई पीड़ितों ने दावा किया कि समझौते पर उनके हस्ताक्षर भी जाली थे। नवीन अहूजा पैसों की आवाजाही संभालता था। GPay के ‘Gpay-marketing’ और ‘Fashion TV Payroll’ खातों तथा फेडरल बैंक के खाते का इस्तेमाल होता था। गिरोह के अंदर 3% कमीशन की व्यवस्था भी चल रही थी।
कृष्णा पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन, जीएसटी प्रमाणपत्र और पार्टनरशिप डीड एकत्र करती थीं और ftv.ind.in डोमेन से आधिकारिक ईमेल का इस्तेमाल करती थीं।
घोटाले का पैमाना और पुराने मामले
जांच में अब तक 50 से ज्यादा पीड़ित चिह्नित हो चुके हैं। वास्तविक संख्या सैकड़ों या हजारों तक हो सकती है। सिंडिकेट करीब 2014 से सक्रिय था। अकेले उत्तर प्रदेश में दो FIR दर्ज हैं। देशभर में कशीफ खान पर कई और FIR हैं (लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, वडोदरा आदि)। लखनऊ के मनोज कुमार अग्रवाल ने 53 लाख रुपये चेक से दिए थे, लेकिन फ्रैंचाइजी नहीं मिली। GST विभाग ने पहले ही कंपनी पर 7 करोड़ का जुर्माना लगाया और 17 करोड़ का नोटिस जारी किया है।
भ्रष्टाचार का भी खुलासा
मामले के पहले जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राम सिंह पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी के हित में काम किया – प्रमुख नाम FIR से हटाए, फ्रीज खाते अनफ्रीज कर दिए। शिकायत के बाद उन्हें हटाकर निरीक्षक आशुतोष राय को लगाया गया, जिनकी तेज कार्रवाई से गिरफ्तारियां हुईं।
अब क्या?
पुलिस को तीन दिन की रिमांड मिली है। आरोपी गोरखपुर ले जाए गए हैं। 4 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस होने की संभावना है।
FashionTV India के नाम पर ठगे गए सभी पीड़ितों से अपील है कि वे पुलिस स्टेशन रामगढ़ताल, गोरखपुर में निरीक्षक आशुतोष राय से संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस स्टेशन रामगढ़ताल, गोरखपुर में दर्ज FIR नंबर 0842/2025 के आधार पर निरीक्षक आशुतोष राय की टीम ने त्वरित अंतर-राज्यीय अभियान चलाया। गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:
कशीफ खान (उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक) – फर्जी ‘प्रबंध निदेशक’
कृष्णा – ‘ऑपरेशंस हेड’
नवीन अहूजा (नवीन सर अहूजा) – वित्त नियंत्रक
गिरोह की एक महिला सदस्य फरार होने में सफल रही। पहले ही गिरफ्तार वैभव मणि त्रिपाठी भी इस मामले में न्यायिक हिरासत में है।
फर्जी ‘एमडी’ की पूरी कहानी
जांच में मंत्रालय कॉर्पोरेट मामलों (MCA) के रिकॉर्ड से साफ हुआ कि कशीफ खान को Fashion TV India Private Limited में कभी निदेशक नियुक्त ही नहीं किया गया। उसके नाम पर कोई DIR-12 फाइलिंग तक नहीं है। इसके बावजूद वह FashionTV India Pvt Ltd और FashionTV Ltd BVI का ‘प्रबंध निदेशक’ बनकर पूरे भारत में सैकड़ों-हजारों फ्रैंचाइजी समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा था। पीड़ितों ने लाखों-करोड़ों रुपये उसे सौंपे, सोचते हुए कि वे असली कंपनी के एमडी से डील कर रहे हैं।
धोखाधड़ी का तरीका
गिरोह ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के महत्वाकांक्षी उद्यमियों को निशाना बनाया। उन्हें FashionTV के ब्रीडेड बार, लाउंज, कैफे या सैलून फ्रैंचाइजी का लुभावना ऑफर दिया जाता था। मुंबई के सांताक्रूज स्थित ऑफिस में चमकदार प्रेजेंटेशन दिखाए जाते, 12.50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की फ्रैंचाइजी फीस वसूली जाती। सबसे बड़ा सबूत स्टाम्प पेपर का है। समझौता ‘Fashion TV India Private Limited’ और पीड़ित की फर्म के बीच बताया जाता था, लेकिन स्टाम्प पेपर ‘fashiontv India’ नाम की अलग साझेदारी फर्म का था। कंपनी की तरफ का पूरा हस्ताक्षर पृष्ठ खाली था। कई पीड़ितों ने दावा किया कि समझौते पर उनके हस्ताक्षर भी जाली थे। नवीन अहूजा पैसों की आवाजाही संभालता था। GPay के ‘Gpay-marketing’ और ‘Fashion TV Payroll’ खातों तथा फेडरल बैंक के खाते का इस्तेमाल होता था। गिरोह के अंदर 3% कमीशन की व्यवस्था भी चल रही थी।
कृष्णा पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन, जीएसटी प्रमाणपत्र और पार्टनरशिप डीड एकत्र करती थीं और ftv.ind.in डोमेन से आधिकारिक ईमेल का इस्तेमाल करती थीं।
घोटाले का पैमाना और पुराने मामले
जांच में अब तक 50 से ज्यादा पीड़ित चिह्नित हो चुके हैं। वास्तविक संख्या सैकड़ों या हजारों तक हो सकती है। सिंडिकेट करीब 2014 से सक्रिय था। अकेले उत्तर प्रदेश में दो FIR दर्ज हैं। देशभर में कशीफ खान पर कई और FIR हैं (लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, वडोदरा आदि)। लखनऊ के मनोज कुमार अग्रवाल ने 53 लाख रुपये चेक से दिए थे, लेकिन फ्रैंचाइजी नहीं मिली। GST विभाग ने पहले ही कंपनी पर 7 करोड़ का जुर्माना लगाया और 17 करोड़ का नोटिस जारी किया है।
भ्रष्टाचार का भी खुलासा
मामले के पहले जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राम सिंह पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी के हित में काम किया – प्रमुख नाम FIR से हटाए, फ्रीज खाते अनफ्रीज कर दिए। शिकायत के बाद उन्हें हटाकर निरीक्षक आशुतोष राय को लगाया गया, जिनकी तेज कार्रवाई से गिरफ्तारियां हुईं।
अब क्या?
पुलिस को तीन दिन की रिमांड मिली है। आरोपी गोरखपुर ले जाए गए हैं। 4 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस होने की संभावना है।
FashionTV India के नाम पर ठगे गए सभी पीड़ितों से अपील है कि वे पुलिस स्टेशन रामगढ़ताल, गोरखपुर में निरीक्षक आशुतोष राय से संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
3rd April, 2026
