भाजपा ने चर्चित चेहरों को दरकिनार कर 2027 विधानसभा चुनाव के जातीय समीकरण के अनुसार प्रत्याशी तय किए हैं। पिछले काफी दिनों से जिन नामों को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही थी, उनमें स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, बृजलाल, अरुण सिंह, कुमार विश्वास सहित 20 से अधिक चेहरे शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा को प्रत्याशी बनाया जाना निश्चित माना जा रहा था, क्योंकि दोनों मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में मंत्री हैं। अरुण सिंह के नाम पर भी मुहर लगने की चर्चा थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा कैडर से जुड़े जातीय समीकरण के अनुसार प्रत्याशी चयन किया है।
जिन 10 सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें हरदीप सिंह पुरी (भारतीय जनता पार्टी), बी.एल. वर्मा (भारतीय जनता पार्टी), अरुण सिंह (भारतीय जनता पार्टी), नीरज शेखर (भारतीय जनता पार्टी), बृजलाल (भारतीय जनता पार्टी), सीमा द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी), गीता शाक्य (भारतीय जनता पार्टी), डॉ. दिनेश शर्मा (BJP), प्रो. राम गोपाल यादव (समाजवादी पार्टी) एवं रामजी गौतम (बहुजन समाज पार्टी) शामिल थे। इसमें दिनेश शर्मा भाग्यशाली निकले, जिन्हें राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन से पहले ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त कर दिया गया और उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
समाजवादी पार्टी ने राम गोपाल यादव और धनराज नथवानी को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने आठ प्रत्याशी तय किए हैं, जिनमें जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है। इनमें पूर्वांचल से दो ब्राह्मण चेहरे—गोपी कृष्ण पांडेय, बलिया और राधाकांत ओझा, प्रयागराज से आते हैं। श्रुति गंगवार पूर्व केंद्रीय मंत्री और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुर्मियों के बड़े चेहरे संतोष गंगवार की बेटी हैं तथा संतोष गंगवार वर्तमान में झारखंड के राज्यपाल है। लोधी चेहरे के रूप में योगी सरकार में पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, जबकि आगरा जिले से राम प्रताप सिंह ठाकुर समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछड़ों में पाल बिरादरी को जोड़ने के लिए प्रकाश पाल और लखनऊ के आसपास आठ से अधिक जनपदों में पासी समाज का समर्थन हासिल करने के लिए प्रियंका सिंह रावत को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, दलित चेहरे के रूप में भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता विधासागर सोनकर को प्रत्याशी बनाया गया है। जातीय समीकरण के साथ-साथ क्षेत्रीय समीकरण को भी साधने का प्रयास किया गया है।
जिन 10 सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें हरदीप सिंह पुरी (भारतीय जनता पार्टी), बी.एल. वर्मा (भारतीय जनता पार्टी), अरुण सिंह (भारतीय जनता पार्टी), नीरज शेखर (भारतीय जनता पार्टी), बृजलाल (भारतीय जनता पार्टी), सीमा द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी), गीता शाक्य (भारतीय जनता पार्टी), डॉ. दिनेश शर्मा (BJP), प्रो. राम गोपाल यादव (समाजवादी पार्टी) एवं रामजी गौतम (बहुजन समाज पार्टी) शामिल थे। इसमें दिनेश शर्मा भाग्यशाली निकले, जिन्हें राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन से पहले ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त कर दिया गया और उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
समाजवादी पार्टी ने राम गोपाल यादव और धनराज नथवानी को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने आठ प्रत्याशी तय किए हैं, जिनमें जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है। इनमें पूर्वांचल से दो ब्राह्मण चेहरे—गोपी कृष्ण पांडेय, बलिया और राधाकांत ओझा, प्रयागराज से आते हैं। श्रुति गंगवार पूर्व केंद्रीय मंत्री और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुर्मियों के बड़े चेहरे संतोष गंगवार की बेटी हैं तथा संतोष गंगवार वर्तमान में झारखंड के राज्यपाल है। लोधी चेहरे के रूप में योगी सरकार में पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, जबकि आगरा जिले से राम प्रताप सिंह ठाकुर समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछड़ों में पाल बिरादरी को जोड़ने के लिए प्रकाश पाल और लखनऊ के आसपास आठ से अधिक जनपदों में पासी समाज का समर्थन हासिल करने के लिए प्रियंका सिंह रावत को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, दलित चेहरे के रूप में भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता विधासागर सोनकर को प्रत्याशी बनाया गया है। जातीय समीकरण के साथ-साथ क्षेत्रीय समीकरण को भी साधने का प्रयास किया गया है।
5th October, 2026
