उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को योगी आदित्यनाथ सरकार का दसवां बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी चुनाव 2027 से पहले योगी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। इसमें कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को 400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। वहीं, प्रदेश के 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये के बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया गया है। किसानों और युवाओं पर इस बजट में फोकस किया गया है। महिलाओं को लेकर भी कई अहम घोषणाएं हुई हैं। लखनऊ में कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी के लिए 207 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सड़क, हाइवे, फ्लाईओवर से लेकर धार्मिक पर्यटन तक योगी सरकार के फोकस पॉइंट में रही है। गांवों की सूरत बदलने के लिए पंचायतीराज विभाग को 32,090 करोड़ रुपये और जी राम जी के लिए 4580 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रति वर्ष एक लाख सूक्ष्म उद्यामों का लक्ष्य रखा गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों मैनचेस्टर मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति की नई योजना के लिए 14 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
यूपी बजट के 10 प्रमुख पॉइंट:
1. गरीबी रेखा से 6 करोड़ लोग बाहर
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी सरकार का बजट पेश करते हुए इसका आकार 9.12 लाख करोड़ रुपये का होने की बात कही। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है। बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता हासिल की है। प्रदेश में बेरोजगारी दर अब 2.24 फीसदी रह गई है।
2. 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इस बार 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं की घोषणा की। वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित राशि से योजनाओं को लॉन्च किया जाएगा। प्रदेश में स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थाना का निर्णय लिया गया है। योगी सरकार ने एआई मिशन और टेक युवा समर्थ युवा योजना लाने जा रही है। डीजल आधारित नलकूप को सौर ऊर्जा आधारित बनाए जाने का निर्णय निर्णय लिया गया है। वहीं, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाने की घोषणा की गई है।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य पर फोकस
यूपी सरकार एक बार फिर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस करती दिख रही है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यूपी का बजट 2026 का आकर पिछले आम बजट से 12.9 फीसदी अधिक है। इस बार के बजट में पूंजीगत खर्च पर कुल बजट का 19.5 फीसदी खर्च होगा। वहीं, शिक्षा पर कुल बजट का 12.4 फीसदी और स्वास्थ्य पर 6 फीसदी राशि का आवंटन हुआ है। कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 फीसदी धन का आवंटन किया गया है। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कालेजों के लिए 1023 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
यूपी बजट में चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ और चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए 37,956 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उच्च शिक्षा का बजट 6591 करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले साल से 7 फीसदी अधिक है। कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। असाध्य रोगों के इलाज के लिए 130 करोड़ और एनएचआरएम में 8641 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है।
4. औद्योगिक विकास पर जोर
योगी आदित्यनाथ सरकार ने चुनावी साल में औद्योगिक विकास पर जोर देने का फैसला लिया है। अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट मिला है। औद्योगिक विकास के जरिए सरकार का लक्ष्य 10 हजार रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके लिए युवाओं को भी तैयार किया जाएगा। कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ेगी। पीपीपी मॉडल पर नए केंद्र खोले जाएंगे।
महिलाओं के लिए अलग कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर के लिए दूसरी तरफ नहीं देखना पड़ेगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना के लिए 575 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
5. छोटे उद्योगों के विकास की योजना
प्रदेश में छोटे और मझोले उद्योगों के विकास की योजना पर लगातार काम होता दिखा है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसको लेकर एमएसएमई सेक्टर में बड़े आवंटन की तैयारी की है। यूपी बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 3822 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यूपी में नई स्कीम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू होगी। इसके लिए 225 करोड़ आवंटित हुए हैं।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें जॉब सीकर से जॉब गिवर के रूप में तैयार करने की योजना बनाई गई है। नई स्कीम मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
6. ऊर्जा क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़
ऊर्जा के क्षेत्र में भी योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़े स्तर पर काम करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की योजना पर योगी सरकार काम करती दिख रही है। प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क खोलने की योजना की गई है। सरकार ने 900 मेगावॉट की क्षमता का लक्ष्य रखा है।
7. सड़कों के निर्माण पर जोर प्रदेश को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में विकसित करने की योजना योगी सरकार ने बनाई है। नए एक्सप्रेसवे के निर्माण प्रस्तावित हैं। साथ ही, ग्रामीण सड़कों के भी विकास की योजना तैयार की गई है। यूपी बजट 2026 में सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश में कई फ्लाईओवर और सड़क निर्माण योजनाओं को बजट में मंजूरी दी गई है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 22,676 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
8. हवाई यात्रा होगी सरल
प्रदेश में हवाई यात्रा को सरल बनाने की योजना पर लगातार काम हो रहा है। इसको लेकर नए हवाई अड्डों के विकास की योजना पर लगातार काम चल रहा है। प्रदेश में हवाई पटि्टयों के निर्माण और भूमि अर्जन के लिए 1100 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। प्रदेश में नागरिक उड्डयन के लिए 2111 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पांच पटि्टयों का निर्माण होगा। इसके लिए बजट में 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
9. सात नए स्मार्ट सिटी का होगा निर्माण
यूपी बजट 2026 में नए स्मार्ट सिटी के निर्माण की योजना को हरी झंडी दी गई है। सात नगर निगम क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। योध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, मेरठ और शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी के रप में विकसित करने की पहल की गई है। नई सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। धार्मिक पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है। इस क्रम में अयोध्या के विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है।
10. गरीब परिवार की लड़कियों की शादी के लिए 150 करोड़
यूपी बजट में अनुसूचित जाति-सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए राशि का आवंटन किया गया है। बजट में अनुसूचित जाति की बच्चियों की शादी के लिए 100 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। योगी सरकार ने विवाह योजना मद में अनुदान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का प्रावधान किया है।
सड़क, हाइवे, फ्लाईओवर से लेकर धार्मिक पर्यटन तक योगी सरकार के फोकस पॉइंट में रही है। गांवों की सूरत बदलने के लिए पंचायतीराज विभाग को 32,090 करोड़ रुपये और जी राम जी के लिए 4580 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रति वर्ष एक लाख सूक्ष्म उद्यामों का लक्ष्य रखा गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों मैनचेस्टर मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति की नई योजना के लिए 14 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
यूपी बजट के 10 प्रमुख पॉइंट:
1. गरीबी रेखा से 6 करोड़ लोग बाहर
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी सरकार का बजट पेश करते हुए इसका आकार 9.12 लाख करोड़ रुपये का होने की बात कही। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है। बजट में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता हासिल की है। प्रदेश में बेरोजगारी दर अब 2.24 फीसदी रह गई है।
2. 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इस बार 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं की घोषणा की। वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित राशि से योजनाओं को लॉन्च किया जाएगा। प्रदेश में स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थाना का निर्णय लिया गया है। योगी सरकार ने एआई मिशन और टेक युवा समर्थ युवा योजना लाने जा रही है। डीजल आधारित नलकूप को सौर ऊर्जा आधारित बनाए जाने का निर्णय निर्णय लिया गया है। वहीं, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाने की घोषणा की गई है।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य पर फोकस
यूपी सरकार एक बार फिर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस करती दिख रही है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यूपी का बजट 2026 का आकर पिछले आम बजट से 12.9 फीसदी अधिक है। इस बार के बजट में पूंजीगत खर्च पर कुल बजट का 19.5 फीसदी खर्च होगा। वहीं, शिक्षा पर कुल बजट का 12.4 फीसदी और स्वास्थ्य पर 6 फीसदी राशि का आवंटन हुआ है। कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 फीसदी धन का आवंटन किया गया है। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कालेजों के लिए 1023 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
यूपी बजट में चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ और चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए 37,956 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उच्च शिक्षा का बजट 6591 करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले साल से 7 फीसदी अधिक है। कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। असाध्य रोगों के इलाज के लिए 130 करोड़ और एनएचआरएम में 8641 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है।
4. औद्योगिक विकास पर जोर
योगी आदित्यनाथ सरकार ने चुनावी साल में औद्योगिक विकास पर जोर देने का फैसला लिया है। अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट मिला है। औद्योगिक विकास के जरिए सरकार का लक्ष्य 10 हजार रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके लिए युवाओं को भी तैयार किया जाएगा। कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ेगी। पीपीपी मॉडल पर नए केंद्र खोले जाएंगे।
महिलाओं के लिए अलग कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर के लिए दूसरी तरफ नहीं देखना पड़ेगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना के लिए 575 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
5. छोटे उद्योगों के विकास की योजना
प्रदेश में छोटे और मझोले उद्योगों के विकास की योजना पर लगातार काम होता दिखा है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसको लेकर एमएसएमई सेक्टर में बड़े आवंटन की तैयारी की है। यूपी बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 3822 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यूपी में नई स्कीम मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना शुरू होगी। इसके लिए 225 करोड़ आवंटित हुए हैं।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें जॉब सीकर से जॉब गिवर के रूप में तैयार करने की योजना बनाई गई है। नई स्कीम मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
6. ऊर्जा क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़
ऊर्जा के क्षेत्र में भी योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़े स्तर पर काम करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की योजना पर योगी सरकार काम करती दिख रही है। प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क खोलने की योजना की गई है। सरकार ने 900 मेगावॉट की क्षमता का लक्ष्य रखा है।
7. सड़कों के निर्माण पर जोर प्रदेश को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में विकसित करने की योजना योगी सरकार ने बनाई है। नए एक्सप्रेसवे के निर्माण प्रस्तावित हैं। साथ ही, ग्रामीण सड़कों के भी विकास की योजना तैयार की गई है। यूपी बजट 2026 में सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश में कई फ्लाईओवर और सड़क निर्माण योजनाओं को बजट में मंजूरी दी गई है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 22,676 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
8. हवाई यात्रा होगी सरल
प्रदेश में हवाई यात्रा को सरल बनाने की योजना पर लगातार काम हो रहा है। इसको लेकर नए हवाई अड्डों के विकास की योजना पर लगातार काम चल रहा है। प्रदेश में हवाई पटि्टयों के निर्माण और भूमि अर्जन के लिए 1100 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। प्रदेश में नागरिक उड्डयन के लिए 2111 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पांच पटि्टयों का निर्माण होगा। इसके लिए बजट में 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
9. सात नए स्मार्ट सिटी का होगा निर्माण
यूपी बजट 2026 में नए स्मार्ट सिटी के निर्माण की योजना को हरी झंडी दी गई है। सात नगर निगम क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। योध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, मेरठ और शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी के रप में विकसित करने की पहल की गई है। नई सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। धार्मिक पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है। इस क्रम में अयोध्या के विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है।
10. गरीब परिवार की लड़कियों की शादी के लिए 150 करोड़
यूपी बजट में अनुसूचित जाति-सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना के लिए राशि का आवंटन किया गया है। बजट में अनुसूचित जाति की बच्चियों की शादी के लिए 100 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। योगी सरकार ने विवाह योजना मद में अनुदान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का प्रावधान किया है।
11th February, 2026
